शनिवार, 25 जनवरी 2014

उक्ति - 29

यदि स्‍वयं को दूसरे की दृष्टि से देखने का अवसर मिले तो यही पाएंगे कि हमारा अस्तित्‍व कुछ नहीं है। तब अहं का चकनाचूर होना अवश्‍यंभावी है।

7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत शानदार व् सटीक बात विकेश जी।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ६५वें गणतंत्र दिवस कि हार्दिक शुभकामनायें !

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  3. बढ़िया प्रस्तुति-
    शुभकामनायें गणतंत्र दिवस की-
    सादर

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