रविवार, 26 जनवरी 2014

उक्ति - 30

हमें अपनी विचारदृष्टि को प्रतिदिन परखना चाहिए और यहां की संकीर्णता को कुछ देर के लिए अलग रख देना चाहिए। यदि यह अभ्‍यास नि‍यमित हो तो निश्चित ही एक नए जीवन का अनुभव होगा।

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