रविवार, 9 फ़रवरी 2014

उक्ति - 35

मूल्‍यहीन मूल्‍यांकनकर्त्‍ताओं द्वारा शासित राष्‍ट्र में किसी कार्य हेतु प्रसिदि्ध, लोकप्रियता, पुरस्‍कार, पदोन्‍नति की अपेक्षा मूर्खता है।

7 टिप्‍पणियां:

  1. MV Ramakrishnarao द्वारा रात्रि 8.35 बजे
    True words. I catch the pain in your lines sir. But it's a curse to our nation. Can't help. But one thing is certain- keeping aside burocracy a good percent of genuine citizens are are always with you for good deeds. That's the consolation we may expect at most. Thank you-good night sir.

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  2. सच है ऐसे पुरुष्कारों का क्या मूल्य है...केवल एक शो पीस...

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  3. क्या बात है विकेश भाई उक्ति सर चढ़के बोल रही है।

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  4. मूल्यांकन -कर्ता का मूल्यबद्ध होना ज़रूरी है ,बिना पढ़े लोग पुस्तक समीक्षा लिख देते हैं ,सोनिया जी पढ़कर राहुल बाबा बिना पढ़े कुछ भी बोल सकते हैं।

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